आकाशगंगाओं में छिपे "शांत" सुपरमैसिव ब्लैक होल: नई खोज ने बदली समझ अंतिम बार अपडेट किया गया: 11 जुलाई 2026 कल्पना कीजिए कि आपके पड़ोस में सैकड़ों घर हैं, और आप जानते हैं कि लगभग हर घर में कोई-न-कोई रहता ज़रूर है — लेकिन एक-चौथाई घरों की बत्तियाँ इतनी धीमी हैं कि बाहर से देखने पर वे खाली लगते हैं। अब कल्पना कीजिए कि "घर" असल में पूरी की पूरी आकाशगंगाएँ हैं, और उनके अंदर "रहने वाला" कोई और नहीं बल्कि एक सुपरमैसिव ब्लैक होल है। बिल्कुल यही तस्वीर वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने — जिसमें भारत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिज़िक्स (IIA) की डॉ. अरु बेरी भी शामिल थीं — हाल ही में उजागर की है। रेडियो तरंगों की मदद से उन्होंने 280 आस-पास की आकाशगंगाओं में से लगभग एक-चौथाई के केंद्र में ऐसे ब्लैक होल खोज निकाले, जो अब तक हमारी नज़रों से पूरी तरह छिपे हुए थे।