आधुनिक रक्षा तकनीक में मिसाइलें (Missiles) रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करती हैं। युद्ध के मैदान में हजारों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के बंकर, युद्धपोत या उड़ते हुए लड़ाकू विमान को सटीकता के साथ भेदना किसी चमत्कार से कम नहीं है। लेकिन यह चमत्कार संभव होता है उन्नत विज्ञान, जटिल एल्गोरिदम और अत्याधुनिक सेंसर की बदौलत। जब एक बार मिसाइल लॉन्च कर दी जाती है, तो उसके भीतर का 'मस्तिष्क' यानी गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम सक्रिय हो जाता है। यह सिस्टम लगातार गणना करता है कि मिसाइल अपनी मंजिल से कितनी दूर है और लक्ष्य किस दिशा में गति कर रहा है। इस लेख में हम तकनीकी गहराई के साथ समझेंगे कि मिसाइलें कैसे अपने लक्ष्य को ढूंढती हैं, कौन-कौन से नेविगेशन सिस्टम इसमें उपयोग किए जाते हैं, और कैसे ये जैमिंग (Jamming) को मात देती हैं। विषय सूची (Table of Contents) 1. मिसाइल मार्गदर्शन (Guidance) की बुनियादी अवधारणा 2. एक्टिव, सेमी-एक्टिव और पैसिव होमिंग सिस्टम 3. इनर्शियल नेविगेशन और जीपीएस तकनीक की भूमिका 4. इन्फ्रारेड (IR) और ऑप्टिकल इमेजिंग सीकर 5. इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमीज़र्स (...