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क्या NISAR भूकंप की भविष्यवाणी कर पाएगा?

 

क्या NISAR भूकंप की भविष्यवाणी कर पाएगा?

एक वैज्ञानिक सवाल, एक अधूरा सपना और धरती की चुप भाषा

हर बार जब ज़मीन हिलती है, हम यही पूछते हैं — “पहले क्यों नहीं पता चला?”

भूकंप के बाद सबसे बड़ा दुख नुकसान का नहीं होता, बल्कि इस एहसास का होता है कि अगर कुछ मिनट, कुछ दिन, या कुछ हफ्ते पहले चेतावनी मिल जाती — तो तस्वीर अलग हो सकती थी।

इसी उम्मीद के केंद्र में आज एक नाम है: NISAR


पहले एक सच्चाई: भूकंप की भविष्यवाणी इतनी कठिन क्यों है?

भूकंप मौसम नहीं है।

धरती की टेक्टोनिक प्लेटें कोई घड़ी की सुइयाँ नहीं, जो तय समय पर फिसलें। वे विशाल चट्टानें हैं — अपूर्ण, असमान और अरबों टन दबाव में।

भूकंप तब आता है जब:

  • दो प्लेटें लंबे समय तक एक-दूसरे से अटकी रहती हैं
  • अंदर तनाव जमा होता रहता है
  • और अचानक — वह लॉक टूट जाता है

समस्या यह है: हम अंदर झाँक नहीं सकते।


तो NISAR यहाँ क्यों अलग है?

NISAR धरती के अंदर नहीं देखता।

वह कुछ और करता है — वह धरती की सतह की हर सूक्ष्म प्रतिक्रिया को सुनता है।

जब अंदर तनाव बढ़ता है, तो ज़मीन:

  • कहीं बहुत हल्की-सी ऊपर उठती है
  • कहीं संकुचित होती है
  • कहीं मिलीमीटर स्तर पर खिसकती है

हमारी आँखें इसे नहीं देख सकतीं। NISAR देख सकता है।


अब असली सवाल: क्या यह “भविष्यवाणी” है?

यहाँ विज्ञान ईमानदार होता है — और जवाब थोड़ा असहज है।

नहीं। NISAR सीधे यह नहीं कह सकता:

“कल सुबह 9 बजे, यहाँ भूकंप आएगा।”

लेकिन…

यह वह सब दिखा सकता है, जो भूकंप से पहले चुपचाप होता है।


भूकंप से पहले NISAR क्या-क्या पकड़ सकता है?

1. धीमी ज़मीन विकृति (Slow Deformation)

कुछ क्षेत्र भूकंप से पहले हफ्तों या महीनों तक धीरे-धीरे आकार बदलते हैं।

यह बदलाव इतना सूक्ष्म होता है कि केवल SAR Interferometry ही इसे पकड़ सकती है।

2. तनाव का असमान वितरण

NISAR दिखाता है कि तनाव पूरे फॉल्ट पर समान नहीं होता।

कुछ हिस्से ज़्यादा खतरनाक होते हैं — और वही भविष्य के टूटने के केंद्र बनते हैं।

3. “Silent Earthquakes” के संकेत

कुछ भूकंप ऐसे होते हैं जो महसूस नहीं होते — लेकिन ऊर्जा छोड़ते हैं।

ये बड़े भूकंप से पहले चेतावनी जैसे हो सकते हैं।


तो फिर मीडिया क्यों कहता है: “अब भूकंप पहले से पता चलेंगे?”

क्योंकि भविष्यवाणी शब्द आकर्षक है।

लेकिन विज्ञान में हम एक और शब्द इस्तेमाल करते हैं:

Probabilistic Forecasting

मतलब:

  • जोखिम का नक्शा बनाना
  • संभावनाओं को समय के साथ अपडेट करना
  • अंधेरे को थोड़ा कम करना

NISAR भविष्य नहीं बताता — वह अनदेखे वर्तमान को उजागर करता है।


क्या यह फिर भी क्रांतिकारी है?

हाँ — और बहुत।

पहली बार मानवता के पास:

  • पूरी पृथ्वी का निरंतर deformation डेटा होगा
  • भूकंप विज्ञान अनुमान से डेटा की ओर जाएगा
  • आपदा प्रबंधन प्रतिक्रियात्मक नहीं, पूर्व-तैयार होगा

भूकंप शायद अब भी आएँगे — लेकिन वे हमें उतना अंधा नहीं पाएँगे।


अंतिम विचार: NISAR एक भविष्यवक्ता नहीं, एक अनुवादक है

धरती हमेशा बोलती रही है।

हम सुन नहीं पाते थे।

NISAR भविष्य नहीं बताता — वह धरती की भाषा का अनुवाद करता है।

और जब किसी दिन भूकंप से पहले चेतावनी संभव होगी, तो वह किसी एक मशीन से नहीं — बल्कि इसी तरह के ईमानदार, धैर्यवान विज्ञान से आएगी।

— STEM Hindi | जहाँ विज्ञान डर नहीं, समझ देता है

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