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SAR Interferometry क्या है?

 

SAR Interferometry क्या है?

जब दो रडार तस्वीरें मिलकर धरती की हलचल बता देती हैं

मान लीजिए आप किसी शांत कमरे में खड़े हैं। फर्श बिल्कुल स्थिर लगता है।

लेकिन अगर आपको बताया जाए कि वही फर्श मिलीमीटर के अंश जितना हिल रहा है — तो आप शायद हँस दें।

यही वह बिंदु है जहाँ SAR Interferometry मानव इंद्रियों की सीमा को तोड़ देती है।


पहले SAR को समझें — बिना SAR, Interferometry नहीं

SAR का मतलब है: Synthetic Aperture Radar

यह साधारण कैमरे की तरह रोशनी नहीं देखता।

यह:

  • खुद रेडियो तरंगें भेजता है
  • उन्हें धरती से टकराकर वापस आते देखता है
  • और समय + phase का विश्लेषण करता है

इसका फायदा:

  • दिन–रात कोई फर्क नहीं
  • बादल, धुआँ, बारिश बाधा नहीं
  • धरती की बनावट और नमी साफ़ दिखती है

लेकिन अभी तक यह सिर्फ “एक समय की तस्वीर” थी।

असली जादू तब शुरू होता है जब दो समय की SAR तस्वीरें मिलती हैं।


Interferometry का मूल विचार — अंतर से सूचना

Interferometry शब्द ही संकेत देता है:

Interference = तरंगों का हस्तक्षेप

जब दो SAR पास (passes) एक ही जगह पर किए जाते हैं:

  • एक आज
  • एक कुछ दिन / हफ्ते बाद

तो दोनों से लौटने वाली तरंगों में phase का अंतर आता है।

यही phase difference बताता है कि:

  • ज़मीन ऊपर उठी
  • नीचे धँसी
  • या थोड़ी खिसकी

इसी प्रक्रिया को कहते हैं: SAR Interferometry (InSAR)


Interferogram क्या होता है?

जब दो SAR images को गणितीय रूप से जोड़ा जाता है, तो जो बनता है वह होता है:

Interferogram

यह रंगीन घुमावदार पैटर्न जैसा दिखता है।

हर रंग-वृत्त (fringe) का मतलब:

  • धरती की सतह में कुछ सेंटीमीटर का बदलाव
  • कभी-कभी मिलीमीटर स्तर का अंतर

ये रंग सजावट नहीं होते — ये गणितीय हस्ताक्षर होते हैं।


Phase: सबसे डरावना शब्द, सबसे शक्तिशाली संकेत

Phase सुनते ही बहुत से छात्र रुक जाते हैं।

लेकिन अवधारणा सरल है:

अगर तरंग लौटने में थोड़ा भी समय बदले — तो phase बदल जाता है।

और क्योंकि रेडार तरंग की wavelength बहुत छोटी होती है, इसलिए:

  • बहुत छोटी गति भी phase में दिख जाती है
  • मानव बाल से पतली हरकत भी पकड़ में आ जाती है

यही वजह है कि InSAR धरती की सबसे संवेदनशील तकनीकों में से एक है।


SAR Interferometry कहाँ-कहाँ काम आती है?

  • भूकंप से पहले और बाद की ज़मीन विकृति
  • ज्वालामुखी में magma का उठना
  • ग्लेशियर की गति
  • शहरों का धँसना (subsidence)
  • बाँध, खनन और निर्माण से होने वाले बदलाव

NISAR जैसी मिशन InSAR को वैश्विक और निरंतर बना रहे हैं।


सीमाएँ भी समझना ज़रूरी है

SAR Interferometry सर्वशक्तिमान नहीं है।

  • घने जंगलों में signal बिखर सकता है
  • तेज़ बदलाव phase को बिगाड़ सकते हैं
  • वायुमंडल भी भ्रम पैदा कर सकता है

इसीलिए वैज्ञानिक:

  • लंबे समय के डेटा देखते हैं
  • अन्य सेंसर से तुलना करते हैं
  • मॉडल के साथ निष्कर्ष निकालते हैं

अंतिम दृष्टि: InSAR धरती को “देखता” नहीं, “महसूस” करता है

SAR Interferometry कैमरा नहीं है।

यह धरती की त्वचा पर रखी एक वैज्ञानिक उँगली है।

यह हमें सिखाता है कि:

  • सबसे खतरनाक बदलाव सबसे शांत होते हैं
  • धरती बोलती है, बस भाषा अलग है
  • और विज्ञान उस भाषा को पढ़ना सीख रहा है

— STEM Hindi | जहाँ तरंगें कहानी बन जाती हैं

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